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Showing posts from October, 2020

Australian University Develops World's First Bionic Eye To Fully Restore Vision In Blind People

 The team at Monash University claims that they have built a system through which people who suffer blindness in any form would be able to see again. According to them, this is the world's first bionic eye. Scientists around the world have been conducting research to find a cure for individuals suffering from blindness. Various bionic solutions found so far has not yet been able to help blind individuals on a larger scale. The team at Monash University claims that they have built a system through which blind people would be able to see again. According to them, this is the world's first bionic eye. The bionic eye dubbed 'Gennaris bionic vision system' has been under development for nearly a decade now. It works by bypassing damaged optic nerves to allow signals to be transmitted from the retina to the vision centre of the brain. The user would have to wear a custom-designed headgear that has the camera and a wireless transmitter installed. A set of 9 mm tiles are implan...

14-year-old Indian-American girl’s discovery could lead to a possible cure for coronavirus

 Houston: A 14-year-old Indian-American girl has won a USD 25,000 young scientist challenge for a discovery that could provide a potential treatment for COVID-19. Anika Chebrolu , an eighth grader from Frisco in Texas, won the 3M Young Scientist Challenge, regarded as the US' premier middle school science competition, for her work using in-silico methodology for drug discovery to find a molecule that can selectively bind to the Spike protein of SARS-CoV-2 virus in an attempt to find a cure for the coronavirus pandemic, according to the 3M Challenge website. 3M is an American manufacturing company based in Minnesota. Chebrolu decided to take part in the Young Scientist Challenge after she battled a severe influenza infection last year. She wanted to find a cure for influenza. However, that all changed after the COVID-19 pandemic hit. “I was drawn towards finding effective cures for influenza disease after a severe bout of the infection last year,” Chebrolu said. “I would like to lea...

कोरोना वैक्‍सीन पर गुड न्‍यूज, सीरम इंस्टिट्यूट ने कहा- मार्च तक आ सकता है टीका

 Covid-19 vaccine in India: सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) फिलहाल ऑक्‍सफर्ड-अस्‍त्राजेनेका के कोविड-19 टीके (Oxford -AstraZeneca Coronavirus vaccine ) का भारत में ट्रायल कर रही है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो भारत को मार्च 2021 तक कोविड-19 का टीका हासिल हो सकता है। दुनिया की सबसे बड़ी वैक्‍सीन निर्माता कंपनी, सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने यह बात कही है। यह कंपनी देश में ऑक्‍सफर्ड-अस्‍त्राजेनेका की कोरोना वैक्‍सीन का ट्रायल कर रही है। SII के एक्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर डॉ सुरेश जाधव ने द इंडियन एक्‍सप्रेस से बातचीत में कहा कि भारत को मार्च 2021 तक कोविड-19 की वैक्‍सीन मिल सकती है, अगर रेगुलेटर्स जल्‍दी अप्रूवल दें 'क्‍योंकि कई निर्माता इसपर काम कर रहे हैं।' उन्‍होंने कहा कि भारत में कोविड-19 वैक्‍सीन पर रिसर्च बेहद तेजी से चल रही है। देश में दो वैक्‍सीन कैंडिडेट्स का फेज-3 ट्रायल चल रहा है और एक फेज-2 में है। और भी वैक्‍सीन कैंडिडेट्स पर भारत में रिसर्च और डेवलपमेंट पर काम चल रहा है। WHO का वैक्‍सीन पर क्‍या है कहना? विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) की चीफ साइंटिस्‍ट डॉ सौ...

three coronavirus vaccine trials halted amid safety concerns

 Coronavirus vaccine news: अमेरिका की दो बड़ी कंपनियों- Eli Lilly और ने Johnson & Johnson अपनी कोरोना वायरस वैक्‍सीन/दवा का ट्रायल बीच में रोक दिया है। करीब एक महीने पहले, ब्रिटिश फार्मा कंपनी AstraZeneca ने भी कुछ दिनों के लिए ट्रायल रोका था। कोरोना वायरस वैक्‍सीन जल्‍द आए, दुनियाभर के रिसर्चर्स इसी कोशिश में लगे हैं। इन कोशिशों को एक बड़ा झटका इस हफ्ते लगा है। अमेरिकी कंपनी जॉनसन ऐंड जॉनसन ने अपनी कोरोना वायरस वैक्‍सीन का टेस्‍ट रोक दिया। इसके बाद एली लिल्‍ली ने भी कोविड-19 की एक दवा पर जारी रिसर्च को रोकने का फैसला किया। कुछ दिन पहले, ब्रिटेन की फार्मा कंपनी अस्‍त्राजेनेका ने भी दो वॉलंटियर्स के बीमार होने पर कोविड-19 वैक्‍सीन का फेज-3 ट्रायल रोका था। हालांकि बाद में ट्रायल फिर शुरू कर दिया। मगर कोविड-19 से जुड़े इन तीन ट्रायल्‍स का रुकना एक अच्‍छा संकेत है। एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक, यह देरी एक तरह से सुकून देनी वाली है कि रिसर्चर्स पूरे सेफ्टी प्रोटोकॉल्‍स का पालन कर रहे हैं। एली लिल्‍ली ने सेफ्टी इश्‍यूज की वजह से रोका ट्रायल! अमेरिकी कंपनियों ने संभवत: सुरक्षा कारणों के चलत...

इंसानों की त्वचा पर 9 घंटे जिंदा रह सकता है Coronavirus

  Coronavirus on Skin: कोरोना वायरस इंसानों की स्किन पर कितनी देर जीवित रहता है, इसका पता लगाने के लिए जापान के वैज्ञानिकों ने स्टडी की। इसमें पाया गया कि वायरस 9 घंटे तक रह सकता है। नोवेल कोरोना वायरस इंसानों की स्किन पर कई तक जिंदा रह सकता है। एक नई स्टडी में ऐसा दावा किया गया है। लैब एक्सपेरिमेंट्स में रिसर्चर्स ने मृतकों के शरीर पर टेस्ट किया जिसमें पाया गया कि वायरस 9 घंटे तक स्किन पर जिंदा रह सकता है। यह इन्फ्लुएंजा ए वायरस से चार गुना ज्यादा है। रिसर्चर्स का कहना है ताजा स्टडी के नतीजों से कोरोना वायरस का ट्रांसमिशन रोकने के लिए रणनीति बनाने में मदद हो सकती है ताकि महामारी की दूसरी वेव्स को रोका जा सके। हाथ की सफाई है अहम जापान की क्योटो प्रीफेक्चरल यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन की टीम का कहना है कि वायरस स्किन पर कितनी देर रहता है, इस जानकारी की मदद से कॉन्टैक्ट के जरिए ट्रांसमिशन से निपटने में मदद मिल सकती है। इससे यह भी साफ होता है कि हमारा हाथ धोना कितना अहम है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेन्शन के मुताबिक 60-95% ऐल्कॉहॉल वाले हैंड-रब का इस्तेमाल या 20 सेकंड तक ...