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ओमिक्रोन के पुराने वैरिएंट से चार गुना अधिक संक्रामक दो नए वैरिएंट ने फैलाई दशहत

 महाराष्ट्र और दिल्ली समेत कई राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली में तो कोरोना के ओमिक्रोन वायरस के दो नए सब वेरिएंट पाए गए हैं। यह आने वाले समय में कोरोना के मामलों में बेतहाशा वृद्धि कर सकते हैं।

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। बुधवार के बाद बृहस्पतिवार को भी लगातार दूसरे दिन कोरोना के 1300 से अधिक मामले सामने आए हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की भी चिंता बढ़ गई है।  महाराष्ट्र और दिल्ली में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके पीछे ओमिक्रोन का बीए.2.38 व बीए.2.37 सब वैरिएंट जिम्मेदार है। मिली जानकारी के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के ओमिक्रोन वायरस के दो नए सब वेरिएंट पाए गए हैं। इसको लेकर दिल्ली सरकार के यकृत व पित्त विज्ञान संस्थान (आइएलबीएस) द्वारा किए गए जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट में यह पता चला है। माना जा रहा है कि दिल्ली में कोरोना का संक्रमण बढ़ना सामान्य नहीं है, क्योंकि ओमिक्रोन के बीए.2.38 व बीए.2.37 सब वैरिएंट के कारण ही संक्रमण बढ़ रहा है। इसके साथ एक दिन में 1300 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ओमिक्रोन के मरीजों में संक्रमित होने के 2 से 5 दिनों के बाद लक्षण नजर आते हैं। 4 गुना अधिक संक्रामक है ओमिक्रोन के दोनों नए वैरिएंट विशेषज्ञों के मुताबिक, वायरस ओमिक्रोन के पुराने वैरिएंट से चार गुना अधिक संक्रामक है। यह अलग बात है कि पुराने ओमिक्रोन वायरस की तरह ज्यादातर मरीजों को बीमारी ज्यादा गंभीर नहीं हो रही है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन जरूरी है। साथ ही कोरोना से बचाव के लिए लोग सतर्कता डोज लगवा सकते हैं। दिल्ली के लोकनायक अस्पताल के निदेशक डा. सुरेश कुमार (Dr. Suresh Kumar, Director of Loknayak Hospital, Delhi) ने कहा कि गले में दर्द, जुकाम, बुखार व शरीर में दर्द की परेशानी व थकान की परेशानी अधिक हो रही है। ज्यादातर मरीजों में आक्सीजन कम होने की समस्या नहीं हो रही है। सांस की परेशानी बहुत कम मरीजों में देखी जा रही है। डायबिटीज, दिल, कैंसर व किडनी के मरीजों को परेशानी अधिक हो रही है। लक्षण सिरदर्द बुखार गले में दर्द थकान छींक आना गले में खराश लगातार खांसी कर्कश आवाज ठंड लगना या कंपकंपी बुखार चक्कर आना ब्रेन फाग सुगंध बदल जाना आंखों में दर्द छाती में दर्द ग्रंथियों में सूजन कमजोरी  स्किन रैशेज   मांसपेशियों में दर्द वहीं, गौतमबुद्धनगर के जिला डिप्टी सर्विलांस अधिकारी डा. मनोज कुशवाहा का कहना है कि कोरोना मरीज के संपर्क में आने वालों की रिपोर्ट भी पाजिटिव आने का ग्राफ बढ़ने लगा है। सर्दी-जुकाम और बुखार के हल्के लक्षण महसूस होने पर जांच कराने वालों में कोरोना की पुष्टि हो रही है। पाजिटिविटी रेट भी लगातार बढ़ रहा है। एक जून को नमूनों का पाजिटिविटी रेट एक प्रतिशत से कम था, जबकि बृहस्पतिवार को यह दर पांच प्रतिशत के पार रहा। कोरोना के बढ़ते मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ¨चता बढ़ने लगी है। राहत की बात यह है कि इनमें से कोई भी गंभीर मरीज नहीं है। गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में कोरोना की संक्रमण दर 7.01 प्रतिशत से घटकर 6.69 प्रतिशत हो गई है। फिर भी बृहस्पतिवार को कोरोना के 1323 नए मामले आए। एक दिन पहले दिल्ली में कोरोना के 1375 मामले आए थे। राहत की बात यह है कि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। इस वजह से 24 घंटे में 1016 मरीज ठीक हुए हैं। लेकिन ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में नए मामले अधिक होने के कारण सक्रिय मरीजों की संख्या चार हजार के करीब पहुंच गई है। वहीं 23 घंटे में कोरोना से दो मरीजों की मौत हो गई। इस माह अब तक कुल 10,332 मामले आ चुके हैं और 15 मरीजों की मौत हुई है। मौजूदा समय कोरोना के 3948 सक्रिय मरीज हैं, जिसमें से 165 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से आठ मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर और 53 मरीज आक्सीजन सपोर्ट पर हैं। कंटेनमेंट जोन की संख्या 209 हो गई है।  वहीं, दिल्ली से सटे नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कोरोना वायरस ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है। बृहस्पतिवार को 100 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें नौ स्कूली बच्चे भी शामिल हैं। वहीं 44 लोग कोरोना से स्वस्थ भी हुए हैं। जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 373 पहुंच गई है। इनमें से छह अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 367 मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है। गौतमबुद्धनगर के जिला डिप्टी सर्विलांस अधिकारी डा. मनोज कुशवाहा ने बताया कि किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है। जून में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शहर के मुकाबले गांवों से कम मरीज मिल रहे हैं। करीब 95 प्रतिशत मरीज शहर से आ रहे हैं। इनमें भी पाश इलाकों से ज्यादा मरीज हैं, जबकि दूसरे नंबर पर घनी बस्तियां हैं। जिले से बाहर नौकरी और कारोबार करने वालों की संख्या शहर में काफी ज्यादा है। ज्यादातर लोग ऐसे हैं, जो बाहर आवाजाही कर रहे हैं। सीएमओ डा. सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि कोरोना संक्रमण को लेकर लोग सावधानी बरतें। कोरोना के बारे में कोई भी जानकारी लेनी हो तो इंटीग्रेटेड कोविड हेल्पलाइन नंबर 18004192211 पर संपर्क कर सकते हैं।

लक्षण

  • सिरदर्द
  • बुखार
  • गले में दर्द
  • थकान
  • छींक आना
  • गले में खराश
  • लगातार खांसी
  • कर्कश आवाज
  • ठंड लगना या कंपकंपी
  • बुखार
  • चक्कर आना
  • ब्रेन फाग
  • सुगंध बदल जाना
  • आंखों में दर्द
  • छाती में दर्द
  • ग्रंथियों में सूजन
  • कमजोरी 
  • स्किन रैशेज  
  • मांसपेशियों में दर्द


देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। बुधवार के बाद बृहस्पतिवार को भी लगातार दूसरे दिन कोरोना के 1300 से अधिक मामले सामने आए हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की भी चिंता बढ़ गई है।

महाराष्ट्र और दिल्ली में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके पीछे ओमिक्रोन का बीए.2.38 व बीए.2.37 सब वैरिएंट जिम्मेदार है। मिली जानकारी के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के ओमिक्रोन वायरस के दो नए सब वेरिएंट पाए गए हैं।

इसको लेकर दिल्ली सरकार के यकृत व पित्त विज्ञान संस्थान (आइएलबीएस) द्वारा किए गए जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट में यह पता चला है। माना जा रहा है कि दिल्ली में कोरोना का संक्रमण बढ़ना सामान्य नहीं है, क्योंकि ओमिक्रोन के बीए.2.38 व बीए.2.37 सब वैरिएंट के कारण ही संक्रमण बढ़ रहा है। इसके साथ एक दिन में 1300 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ओमिक्रोन के मरीजों में संक्रमित होने के 2 से 5 दिनों के बाद लक्षण नजर आते हैं।

4 गुना अधिक संक्रामक है ओमिक्रोन के दोनों नए वैरिएंट

विशेषज्ञों के मुताबिक, वायरस ओमिक्रोन के पुराने वैरिएंट से चार गुना अधिक संक्रामक है। यह अलग बात है कि पुराने ओमिक्रोन वायरस की तरह ज्यादातर मरीजों को बीमारी ज्यादा गंभीर नहीं हो रही है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन जरूरी है। साथ ही कोरोना से बचाव के लिए लोग सतर्कता डोज लगवा सकते हैं।

दिल्ली के लोकनायक अस्पताल के निदेशक डा. सुरेश कुमार (Dr. Suresh Kumar, Director of Loknayak Hospital, Delhi) ने कहा कि गले में दर्द, जुकाम, बुखार व शरीर में दर्द की परेशानी व थकान की परेशानी अधिक हो रही है। ज्यादातर मरीजों में आक्सीजन कम होने की समस्या नहीं हो रही है। सांस की परेशानी बहुत कम मरीजों में देखी जा रही है। डायबिटीज, दिल, कैंसर व किडनी के मरीजों को परेशानी अधिक हो रही है।

वहीं गौतमबुद्धनगर के जिला डिप्टी सर्विलांस अधिकारी डा. मनोज कुशवाहा का कहना है कि कोरोना मरीज के संपर्क में आने वालों की रिपोर्ट भी पाजिटिव आने का ग्राफ बढ़ने लगा है। सर्दी-जुकाम और बुखार के हल्के लक्षण महसूस होने पर जांच कराने वालों में कोरोना की पुष्टि हो रही है। पाजिटिविटी रेट भी लगातार बढ़ रहा है। एक जून को नमूनों का पाजिटिविटी रेट एक प्रतिशत से कम था, जबकि बृहस्पतिवार को यह दर पांच प्रतिशत के पार रहा। कोरोना के बढ़ते मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चता बढ़ने लगी है। राहत की बात यह है कि इनमें से कोई भी गंभीर मरीज नहीं है।

गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में कोरोना की संक्रमण दर 7.01 प्रतिशत से घटकर 6.69 प्रतिशत हो गई है। फिर भी बृहस्पतिवार को कोरोना के 1323 नए मामले आए। एक दिन पहले दिल्ली में कोरोना के 1375 मामले आए थे। राहत की बात यह है कि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। इस वजह से 24 घंटे में 1016 मरीज ठीक हुए हैं। लेकिन ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में नए मामले अधिक होने के कारण सक्रिय मरीजों की संख्या चार हजार के करीब पहुंच गई है।

वहीं 23 घंटे में कोरोना से दो मरीजों की मौत हो गई। इस माह अब तक कुल 10,332 मामले आ चुके हैं और 15 मरीजों की मौत हुई है। मौजूदा समय कोरोना के 3948 सक्रिय मरीज हैं, जिसमें से 165 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से आठ मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर और 53 मरीज आक्सीजन सपोर्ट पर हैं। कंटेनमेंट जोन की संख्या 209 हो गई है।

वहीं, दिल्ली से सटे नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कोरोना वायरस ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है। बृहस्पतिवार को 100 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें नौ स्कूली बच्चे भी शामिल हैं। वहीं 44 लोग कोरोना से स्वस्थ भी हुए हैं। जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 373 पहुंच गई है। इनमें से छह अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 367 मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है। गौतमबुद्धनगर के जिला डिप्टी सर्विलांस अधिकारी डा. मनोज कुशवाहा ने बताया कि किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है। जून में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शहर के मुकाबले गांवों से कम मरीज मिल रहे हैं। करीब 95 प्रतिशत मरीज शहर से आ रहे हैं। इनमें भी पाश इलाकों से ज्यादा मरीज हैं, जबकि दूसरे नंबर पर घनी बस्तियां हैं। जिले से बाहर नौकरी और कारोबार करने वालों की संख्या शहर में काफी ज्यादा है। ज्यादातर लोग ऐसे हैं, जो बाहर आवाजाही कर रहे हैं। सीएमओ डा. सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि कोरोना संक्रमण को लेकर लोग सावधानी बरतें। कोरोना के बारे में कोई भी जानकारी लेनी हो तो इंटीग्रेटेड कोविड हेल्पलाइन नंबर 18004192211 पर संपर्क कर सकते हैं।


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